इंदौर के लॉ कॉलेज में कट्टरता पढ़ाने का मामला, प्रिंसिपल का इस्तीफा

Indore Law College: इंदौर के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में धार्मिक कट्टरता पढ़ाए जाने का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस और प्रशासन एक्शन में नजर आ रहा है, कल शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय में कुछ शिक्षकों पर एबीवीपी के साथ-साथ कॉलेज के छात्र छात्राओं ने हंगामा करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।

बताया गया था कि छात्राओं को कॉलेज टाइम के बाद बाहर चलने और पब रेस्टोरेंट में आने के लिए कहा जाता है, इतना ही नहीं कॉलेज के प्रोफेसर हिंदू छात्राओं को लव जिहाद के लिए उकसाते हैं साथ ही मुस्लिम छात्रों से कमिटमेंट करने के लिए कहते हैं, इसके अलावा कॉलेज में धार्मिक कट्टरता पढ़ाने का आरोप भी लगाया था, जिसको लेकर कुछ पुष्तकें भी सामने आई हैं, अब इस मामले में एक्शन हुआ है।

प्रिंसिपल का इस्तीफा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद इस मामले में लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल इनामुर्रहमान ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि इंदौर के भंवरकुआं थाने में चार शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है, बता दें कि कॉलेज के पुस्तकॉलय में कुछ विवादित किताबें पाई गई हैं जिनमें ‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ की किताब पर भी विवाद हुआ है, इस मामले में पुलिस ने लेखक, प्रकाशक और कॉलेज प्रबंधक पर मामला दर्ज किया है, पूरे मामले में प्रकाशक ने बताया कि इस किताब का पहला एडिशन 2011 में आया था और दूसरा एडिशन 2015 में छपा था जिसमें विरोध के बाद 2021 में लेखक द्वारा माफीनामा दिया गया था, इस किताब में धार्मिक कट्टरता फैलाने की बातें लिखी हुई थी, उन्हें बदल दिया गया अब पूरे मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुटी हुई है।

प्रिंसिपल इनामुर्रहमान ने इस्तीफे को लेकर विद्यार्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए आहत होकर इस्तीफा सौंपने की बात कही है, प्रिंसिपल ने अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा किरण सलूजा को लिखित इस्तीफा दिया। जिसके बाद उनका इस्तीफा उच्च शिक्षा विभाग में भेज दिया गया है.

गृहमंत्री ने दिए जांच के आदेश

वहीं मामला सामने आने के बाद प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी मामले में जांच के आदेश दिए हैं, नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए हैं, जबकि ‘छात्रों से 370 जैसे मामलों में वोटिंग कराने’ की बात पर भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं प्रिंसिपल के इस्तीफे के अलावा 5 शिक्षकों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि इस मामले में किसी भी बख्शा नहीं जाएगा।

‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ नाम की किताब पर हुआ विवाद

बता दें कि कॉलेज में ‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ नाम की पुस्तक में हिंदू विरोधी बातें छपी होने की जानकारी सामने आई है, इस पुष्तक की लेखक डॉ. फरहत खान है, जिसे अमर लॉ पब्लिकेशन, एमजी रोड, इंदौर ने छापा था। इस किताब में सीधे तौर पर हिंदू और हिंदू संगठनों की आतंकवादियों से तुलना की गई है।

किताब के अध्याय 5 जिसका शीर्षक सामुदायिक हिंसा है, उसमें लिखा है- ‘सांप्रदायिक हिंसा के प्रमुख कारणों में हिंदू सांप्रदायिकता एक प्रमुख कारण है। सांप्रदायिक हिंसा के कारण नामक चैप्टर में लिखा गया है कि राजनैतिक स्थिरता और राष्ट्रीय अखंडता का संकट उत्पन्न हो गया है, हिंदू संप्रदायवाद विध्वंस कारी विचारधारा के रूप में उभर रहा है। विश्व हिंदू परिषद जैसा संगठन हिंदू बहुमत का राज्य स्थापित करना चाहता है और दूसरे समुदाय को शक्तिहीन बनाकर गुलाम बनाना चाहता है। किसी भी बर्बरता के साथ हिंदू राज्य की स्थापना को उचित ठहराता है। हिंदुओं ने हर संप्रदाय से लड़ाई का मोर्चा खोल रखा है।’ किताब में हिंदू विरोधी बातें लिखी होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हंगामा करते मामले में कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद किताब प्रकाशक और लेखक दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कही जांच की बात 

मामले में भंवरकुआं पुलिस का कहना है कि छात्रों की तरफ से आवेदन दिया गया है कि लाइब्रेरी में मौजूद किताब में कुछ ऐसा कंटेंट है जो लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है, आवेदन में किताब में ऐसा कंटेंट लिखने वालों और लाइब्रेरी में किताब को लाने वालों के संबंध में कार्रवाई की मांग की गई है, इसलिए मामला दर्ज किया गया, फिलहाल पुस्तक का अध्ययन किया जा रहा है, इसके अलावा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है, जांच के बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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