आतंकी या नक्सली घटना? अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की जांच में जुटी NIA, जुटाए सबूत

उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन और गुजरात चुनाव से पहले हुई एक घटना ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। यहां उपद्रवियों ने शनिवार की रात उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज लाइन को डेटोनेटर के विस्फोट से उड़ाकर क्षतिग्रस्त कर दिया । ओढ़ा पुल की पटरियों में इससे दरार आ गई है। धमाकों के बाद ट्रैक पर कई जगह क्रैक भी आए हैं। जब पटरियों को उड़ाया गया तो विस्फोटक काफी दूर तक उछला, और लोहे की चद्दर की परत तक बाहर आ गई।

इन सभी बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने इस ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के साथ कितनी बड़ी साजिश रच रखी थी। घटना के बाद कई सवाल सुरक्षा एजेंसियों के जेहन में कौंध रहे हैं। एजेंसी इसे संदिग्ध आतंकी कृत्य मानने से साथ चुनावी माहौल से जुड़ी शरारत भी मान रही है। पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मौके पर पहुंची है।

पीएम मोदी ने किया था ट्रेक का उदघाटन
बड़ी बात यह है कि उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक के जिस ट्रैक को उपद्रवियों ने विस्फोटक से उड़ाने की कोशिश की है। उसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिन पहले ही किया था। इधर , इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक विस्फोटक और टूटे हुए ट्रैक के बारे में जानकारी देता दिखाई दे रहा। वीडियो के जरिए भी यह जानकारी मिली कि शनिवार रात ओढ़ा पुल के पास लोगों ने धमाके की आवाज सुनी थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने देर रात को धमाके की आवाज सुनने का दावा भी किया। सुबह जब यहां लोगों ने जाकर देखा , तो उन्हें ट्रेक टूटे होने की जानकारी मिली।

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रेलवे महकमा भी हैरान, गहलोत बोले तह तक हो जांच
घटना को लेकर रेलवे विभाग भी हैरान है। पूरे मामले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मीडिया को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को राज्य के आतंकवाद विरोधी दस्ते और आरपीएफ के साथ उदयपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर ट्रैक पर विस्फोट की जांच के लिए बुलाया गया था।”आरोपी को कड़ी सजा दी जाएगी। पुल को बहाल किया जा रहा है”। इधर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने डीजी पुलिस को इस घटना की तह तक जाने की निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने माना- विस्फोट एक सुनियोजित योजना
उदयपुर के एसपी विकास शर्मा ने पूरे मामले पर कहना है कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट एक सुनियोजित कार्य था। विस्फोट की आवाज से सुनकर इस क्षेत्र के निवासी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त रेल ट्रैक और चारों ओर बिखरे पड़े कुछ नट और बोल्ट को देखने के लिए इलाके की ओर दौड़ पड़े थे। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में पुलिस की टीम भी वहां पहुंच गई थी। घटना के संबंध में सुरक्षा एंजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटाई जा रही है।

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20 साल बाद पूरा हुआ यह सपना
मीडिया रिपोटर्स के अनुसार इस ट्रैक को शुरू होने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। लगभग दो दशक यानी 20 साल बाद इसे शुरू किया जा सका। ऐसे में इस ट्रैक को तोड़ने की साजिश रचने वालों के खिलाफ स्थानीय लोग काफी नाराजगी जता रहे हैं। पीएम मोदी ने भी इस ट्रैक को लेकर कहा था कि इस लाइन के शुरू होने से अहमदाबाद और राजस्थान के विकास के गति को बल मिलेगा। ऐसे में लोग इस घटना से काफी आहत हैं।

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