अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन: संजय मिश्र का दिखा अलग अंदाज, बोले- बनारस में बसती है मेरी आत्मा

नागरी नाटक मंडली में अभिनेता संजय मिश्र

नागरी नाटक मंडली में अभिनेता संजय मिश्र
– फोटो : अमर उजाला

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अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि बनारस ऐसा शहर है जो जिसको चाहिए वह देता है। इस शहर से पाने के लिए अपने आपको इसे पूरी तरह सौंपना पड़ता है। बचपन से ही नागरी नाटक मंडली आता था लेकिन कभी यह नहीं सोचा था कि बतौर मुख्य अतिथि भी कभी इस मंच पर आना होगा। काशी की संगीत विभूतियों से सजने वाले मंच पर आकर मन की आकांक्षाओं को नया आकाश मिला है। 

शनिवार को नागरी नाटक मंडली में काली लुंगी, पीली शर्ट और काला चश्मा लगाए संजय मिश्र मणिकर्णिका अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के मंच पर पहुंचे। इस दौरान संजय मिश्र, मेयर मृदुला जायसवाल और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा ने नागरी नाटक मंडली के मुख्य मंच के नीचे बनाए गए नए हॉल का उद्घाटन किया। इस वातानुकूलित हॉल में 120 कुर्सियां हैं।

‘अंग्रेजी में कहते हैं’ के साथ फिल्मोत्सव का श्रीगणेश

अपने संबोधन में संजय मिश्र ने कहा कि उनके जीवन की रग-रग में बनारस रचा बसा है। बनारस से जुड़ी बचपन की यादें और यहां की खुशबू उनके जीवन को महकाती रहती है। बनारस में अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव का यह एक उत्कृष्ट प्रयास है और अगले साल यह भव्य रूप में सामने आएगा।

फिल्मोत्सव में पहली फिल्म संजय मिश्र की ‘अंग्रेजी में कहते हैं’ के साथ श्रीगणेश हुआ। फिल्म के माध्यम से बोली और भाषा के फेर में चकरघिन्नाी बने एक किरदार की कहानी को जबरदस्त तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इसके बाद बांग्ला फीचर फिल्म सीलमोहर और मेरी आडेक की अ थाउजेंड पीस का प्रदर्शन किया गया। 

चार दिवसीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन सत्र में मेयर मृदुला जायसवाल ने कहा कि बनारस में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से एक नई राह खुलेगी। भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा ने कहा कि काशी में फिल्म महोत्सव का आयोजन बड़ी उपलब्धि है। 

फिल्म महोत्सव के संयोजक फिल्म निर्देशक सुमित मिश्रा ने कहा कि बनारस में फिल्म महोत्सव कराने के पीछे मेरा उद्देश्य है कि यहां के लोग वे फिल्में भी देख सकें जो सिनेमा घरों में देखने को नहीं मिलती हैं। शौकिया फिल्म निर्माताओं को भी फिल्म बनाने का सलीका सीखने को मिलेगा।

अतिथियों का स्वागत नागरी नाटक मंडली ट्रस्ट के सचिव डॉ. अजीत सहगल, संचालन डॉ. आशुतोष त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन मंडली न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता ने किया। इस मौके पर डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी, सुमन पाठक, देवाशीष डे, डॉ. रागिनी सरना, राजीव रंजन, महेश सेठ, उत्कर्ष सहस्रबुद्धे उपस्थित रहे। 

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अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि बनारस ऐसा शहर है जो जिसको चाहिए वह देता है। इस शहर से पाने के लिए अपने आपको इसे पूरी तरह सौंपना पड़ता है। बचपन से ही नागरी नाटक मंडली आता था लेकिन कभी यह नहीं सोचा था कि बतौर मुख्य अतिथि भी कभी इस मंच पर आना होगा। काशी की संगीत विभूतियों से सजने वाले मंच पर आकर मन की आकांक्षाओं को नया आकाश मिला है। 

शनिवार को नागरी नाटक मंडली में काली लुंगी, पीली शर्ट और काला चश्मा लगाए संजय मिश्र मणिकर्णिका अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के मंच पर पहुंचे। इस दौरान संजय मिश्र, मेयर मृदुला जायसवाल और भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा ने नागरी नाटक मंडली के मुख्य मंच के नीचे बनाए गए नए हॉल का उद्घाटन किया। इस वातानुकूलित हॉल में 120 कुर्सियां हैं।

‘अंग्रेजी में कहते हैं’ के साथ फिल्मोत्सव का श्रीगणेश

अपने संबोधन में संजय मिश्र ने कहा कि उनके जीवन की रग-रग में बनारस रचा बसा है। बनारस से जुड़ी बचपन की यादें और यहां की खुशबू उनके जीवन को महकाती रहती है। बनारस में अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव का यह एक उत्कृष्ट प्रयास है और अगले साल यह भव्य रूप में सामने आएगा।



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